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magadh samrajya :-

  • राजधानी – गिरिव्रज (राजगृह)
  • शासक -बिम्बिसार (मगध का वास्तविक संस्थापक व् हर्यक वंश का प्रथम शासक , बुद्ध का समकालीन )
  • क्षेत्र – पटना, गया व् शाहाबाद का क्षेत्र
  • उल्लेख – जैन साहित्य में बिम्बिसार को क्षैणिक कहा गया है
  • विशेष – सर्वाधिक शक्तिशाली महाजनपद बाद में अन्य जनपदों का विलय कर लिया गया
  • लक्ष्य -विजय व वैवाहिक संबंधो द्धारा सामराज्य का विस्तार करना था

magadh samrajya

16 महाजनपद के बारे में –

महाजनपद वर्तमान क्षेत्र राजधानी
1. अंग आधुनिक भागलपुर व् मुंगेर जिले का क्षेत्र (विहार) चम्पा
2. मगध पटना ,गया तथा शाहाबाद जिले तक (विहार) गिरिब्रज या राजगृह तत्पश्चात पाटिलपुत्र
3. काशी वाराणसी का समीपवर्ती क्षेत्र (उ० प्र० ) काशी
4. कोशल आधुनिक अवध का क्षेत्र ( फैजाबाद , गोंडा , वहराइच (उ०प्र०) अयोध्या
5. वत्स इलाहाबाद व् मिर्जापुर (उ० प्र० ) कौशाम्बी
6. चेदि बुंदेलखंड क्षेत्र ( उ० प्र० , म० प्र० ) शुक्तिमती
7. कुरु दिल्ली तथा मेरठ के समीपवर्ती क्षेत्र थानेश्वर (हरियाणा ) इन्द्रप्रस्थ
8. पांचाल रूहेलखंड तथा मध्य दोआब के कुछ भाग ( बरेली ,पीलीभीत , बदायूं , बुंदेलखंड , अलीगढ़ (उ० प्र० ) उत्तरी पांचाल की अहिच्छत्र , दक्षिणी पांचाल की काम्पिल्य
9. मत्स्य जयपुर ,भरपूर , अलवर क्षेत्र (राजस्थान ) विराटनगर
10. शूरसेन ब्रजमंडल का क्षेत्र (उ० प्र० ) मथुरा
11. अश्मक नर्मदा , गोदावरी नदियों के मध्य में स्थित पैठान /पोटिल
12. अवंती उज्जैन जिले से लेकर नर्मदा नदी तक उत्तरी अवंती की राजधानी – उज्जैनी , दक्षिणी अवंती की राजधानी – माहिष्मती
13. गान्धार काबुल वा रावलपिन्डी की मध्य का क्षेत्र ( पाकिस्तान का पश्चमी व् अफगानिस्तान का पूर्वी क्षेत्र ) तक्षशिला
14. कम्बोज पूंछ क्षेत्र ( कश्मीर ) राजौरी व् हाजरा जिला ( पाकिस्तान ) हाटक
15. वज्जि विहार तथा नेपाल में विस्तृत 8 राज्य ( विदेह , वज्जि , लिच्छिवी , ज्ञातर्क , कुण्डग्राम , उग्र , भोज , इक्ष्वाकु , कौरव ) वैशाली
16. मल्ल देवरिया , कुशीनगर , वस्ती , गोरखपुर व् सिद्धार्थनगर ( उ० प्र०) 2 राजधानियां – कुशीनगर (उ० प्र०) , पावापुरी (नालंदा ,विहार )
16 महाजनपद के बारे में
Table of Contents

मगध का उत्कर्ष :-

हर्यक वंश ( 544 b.c. – 412 b. c. )

इस वंश को पितृहंता वंश भी कहते है इस वंश के संस्थापक – बिम्बिसार है

बिम्बिसार ( 544 b.c.-492 b.c.) :-

  • इसने अंग पर आक्रमण करके मगध साम्राज्य में मिला लिया था
  • इसने कौशल देवी के साथ विवाह किया था
  • कौशल देवी का भाई प्रसेनजीत था
  • प्रसेनजीत ने बिम्बिसार को दहेज़ के रूप में काशी दिया था
  • बिम्बिसार का राजवैद – जीवक था
  • बिम्बिसार ने अपने राजवैद को अवंती भेजा था चन्द्रप्रघोत के इलाज के लिए उसे पीलिया हुआ था
  • अवन्ती महाजनपद की दो राजधानियां हुआ करती थी – उत्तरी अवंती , दक्षिणी अवंती
  • बिम्बिसार का दूसरा विवाह चेलना से हुआ था
  • बिम्बिसार की हत्या उसके पुत्र ने की थी अजातशत्रु ने

अजातशत्रु (492 b.c.-460 b.c. ):-

  • महावीर स्वामी और गौतम बुद्ध की म्रत्यु इसी के शासनकाल में हुई थी
  • इसने वज्जि पर आक्रमण करके मगध में मिला लिया था
  • अजातशत्रु ने प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन करवाया था 483 b.c. में
  • इसने युद्ध में दो नए हथियारों का इस्तेमाल किया था – 1 रथमुसल ,2 महाशिलाकटकं
  • इसकी हत्या इसके पुत्र उदायिन ने की थी

उदायिन (460 b.c. – 440 b.c.):-

  • इसने गंगा और सोनं नदी के बीच में एक शहर की स्थापना की थी – पाटलिपुत्र / कुसुमपुरा
  • इसने अपनी राजधानी राजगृह से पाटलिपुत्र स्थानातरित की
  • उदायिन के तीन पुत्र थे – अनुरुद्ध – मुण्डक – नागदशक
  • हर्यक वंश का अंतिम शासकनागदशक

शिशुनाग वंश ( 412 b.c. – 440 b.c. ) :-

शिशुनाग ( 412 b.c. – 394 b.c. ) :-

  • ये शिशुनाग वंश का संस्थापक था
  • इसने अवन्ती से प्रघोत वंश का अंत किया
  • अवन्ती को मगध में मिला लिया
  • इसने पाटिलपुत्र से राजधानी बैशाली वना ली
  • इसका उत्तराधिकारी कालाशोक हुआ

कालाशोक ( 394 b.c. – 366 b.c. ) :-

  • कालाशोक के शासन काल में वैशाली में द्धितीय बौद्ध संगीति का आयोजन हुआ
  • कालाशोक ने राजधानी वैशाली से पाटिलपुत्र स्थानातरित कि
  • इसकी हत्या राजधानी के समीप घूमते हुए किसी व्यक्ति ने छुरा घोपकर कर दी थी

नन्दिवर्धन ( 366 b.c. – 344 b.c. ) :-

  • यही शिशुनाग वंश का अंतिम शासक था

नन्द वंश ( 344 b.c. – 323 b.c. )

महापदम नन्द :-

  • यह इतिहास का प्रथम शुद्र शासक था
  • इसके 8 पुत्र थे
  • नन्द वंश का संस्थापक था

इस वंश का अंतिम राजा धनानद जो महान शासक था धनानद के शासन काल में 326 b.c. में सिकंदर का आक्रमण हुआ यह ग्रीस से आया था धनानद ने जनता पर अधिक कर लगाया था इसी कारण जनता इससे असंतुस्ट थी इसी का लाभ उठाकर चन्द्रगुप्त मौर्या ने और चाणक्य की मदद से इसे मारकर मौर्य वंश की नीव डाली थी

नन्द वंश का अंतिम शासक

और अधिक जानकारी मगध के बारे में तो यहाँ click करे – https://www.jagranjosh.com/general-knowledge/%E0%A4%AE%E0%A4%97%E0%A4%A7-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF-1441190106-2

abhishekyadav

मेरा नाम अभिषेक यादव, में uppcs की तैयारी करता हूँ हम इस ब्लॉग पर uppcs के सारे विषय पर post डालता हूँ

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