प्राचीन भारत में विदेशी आक्रमण | भारत पर यूनानी आक्रमण

प्राचीन भारत में विदेशी आक्रमण..

1.ईरानी आक्रमण :-

ईरान में एक वंश था हखमनी वंश जिसका राजा साइरस था भारतीय उपमहाद्वीप पर प्रथम आक्रमण साइरस ने किया था साइरस का उत्तराधिकारी (डेरियस-I या दारा-I) था इसने लगभग 518 ई. पु. में भारत पर आक्रमण किया था भारत पर आक्रमण करने वाला प्रथम विदेशी यही था इस बात की जानकारी एक अभिलेख – वेहिस्तुन अभिलेख से मिला है

इसी के बाद भारत में ईरान और भारत के वीच व्यापार चालु हुआ और खारोष्टि लिपि का प्रचलन हुआ ये लिपि दाए से वाए लिखी जाती थी

2.यूनानी आक्रमण :-

यूनान में एक जगह है मकदूनिया उहाँ का शासक था फिलिप इसी का बेटा था सिकंदर महान

भारत में प्रवेश करने के लिए सिकंदर ने ईरान का अंत किया इसने दारा तृतीय नामक शासक को पराजित किया |

भारत में ये तक्षशिला पंहुचा और उहाँ के शासक अम्मी ने इसके आगे आत्म समर्पण किया और उसकी मदद करने को कहा

सिंध का एक राजा था पोरस इसने सिकंदर के सामने आत्म समर्पण नहीं किया था और युद्ध लड़ा था हाईडस्पीच /वितस्तता का युद्ध इस युद्ध में सिकंदर की जीत हुई थी इस युद्ध में पोरस हार गया और सिकंदर हार गया सिकंदर ने पोरस को नहीं मारा था उसे जीवन दान दे दिया था

सिकंदर ने दो नए शहर वसाए – निकैया , बुकाफेला

इसी समय सिकंदर वीमार हो गया था और वापस यूनान चला गया था और और अपने विजित प्रदेश को अपने सेनापति सेल्युकेसनिकेटर को दे दिया था

यूनान के वेवीलोन में 323 ई.पू. में इसकी म्रत्यु हो गई 33 वर्ष की आयु में

प्राचीन भारत में विदेशी आक्रमण..

3.सिकंदर कौन था :-

  • सिकंदर यूनान के राज्य मकदूनिया का शासक था वह अपने पिता की म्रत्यु के बाद 336 ई.में गददी पर वैठा था
  • काबुल व् सिंध के वीच सिकंदरिया नामक नगर की स्थापना किया था
  • सिकंदर के गुरु अरस्तु थे
  • सिकंदर खैबर दर्रे से होकर भारत आया था
  • पहला आक्रमण तक्षशिला के राजा आम्भी के विरुद्ध किया था
  • पोरस का राज्य झेलम व् चिनाब नदी के वीच पडता था
  • सिकंदर भारत से वापस जाते समय अपने भूभाग को तीन हिस्सों में बाँट दिया था तीन यूनानी गवर्नरो को सौप दिया
  • सिकंदर ने 2 नगर बुकाफेला (झेलम नदी ) व् निकैया बसाया था पहला नगर अपने घोड़े के नाम पर तथा दूसरा नगर पोरस पर विजय की स्मृति में वसाया था
  • वापसी के समय सिकंदर की सेना दो भागो में (1-जलमार्ग ), (2-स्थलमार्ग ) विभक्त हो गई थी
  • भारतीय भूभाग पर सिकंदर की अंतिम विजय पाटल राज्य के विरुद्ध थी
  • भारत पर सिकंदर महान का आक्रमण दूसरा विदेशी व् प्रथम यूरोपीय आक्रमण था
  • सिकंदर एक एसा इतिहासपुरुष है जिसका जन्म ,मरण व् अंतिमसंस्कार 3 अलग-अलग देशो में हुआ
  • सिकंदर का जन्म – मकदूनिया ,यूरोप 356 ई.पू.
  • मरण – बेबीलोन ,एशिया 323 ई. पू.
  • अंतिम संस्कार – सिकंदरिया , अफ्रीका 323 ई.पू.

सिकंदर के विजित क्षेत्र :-

प्राचीन भारत में विदेशी आक्रमण सिकंदर महान के बारे में कुछ तत्थ –

  • सिकंदर ने विजित क्षेत्रो को 4 प्रशासनिक इकाईयों में बाटकर अलग अलग उत्तराधिकारी नियुक्त किया
  1. सिंधु का उत्तरी व् पश्चमी भाग : फिलिप
  2. सिंधु व् झेलम का भाग : तक्षशिला के शासक आम्भी को
  3. झेलम व् व्यास नदी का भाग : पोरस राजा को
  4. सिंधु का निचला भाग : पिथोंन

सिकंदर के आक्रमण का प्रभाव

सिकंदर के आक्रमण ने प्राचीन यूरोप को प्राचीन दक्षिण एशिया के निकट सम्पर्क में आने का पहला अवसर प्रदान किया | सिकंदर का भारतीय अभियान सिकंदर का भारतीय अभियान एक विजयी सफलता थी उसने अपने साम्राज्य को ऐसे भारतीय प्रान्त से जोड़ा , जो ईरान द्धारा विजित प्रान्त की तुलना में काफी बड़ा था यूनानी शासको वाला क्षेत्र जल्द ही मौर्य साम्राज्य के अधीन हो गया |

भारत और ग्रीस के वीच कई क्षेत्रो में प्रत्यक्ष संबंद स्थापित होना |

अवश्य पढ़े – प्राचीन इतिहास प्रश्नोत्तरी | prachin itihas in hindi

और अधिक जानकारी – https://www.gkhindi.net/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0/

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