पिट्स इंडिया एक्ट pits india act 1784 in hindi

http://uppscexams.com/wp-content/uploads/2021/05/20210505_110033.jpg

पिट्स इंडिया एक्ट 1784 pits इंडिया एक्ट क्या है :- पिट्स इंडिया एक्ट ,रेग्युलेटिंग एक्ट 1773 की कमियों को दूर करने के लिए british संसद ने एक संशोधन अधिनियम 1781 में पारित किया जिसे एक्ट ऑफ़ सेटलमेंट के नाम से जाना जाता है इसके बाद एक अन्य महत्वपूर्ण अधिनियम  pits india act 1784 में अस्तियुत में …

Read moreपिट्स इंडिया एक्ट pits india act 1784 in hindi

संवैधानिक विकास regulating act संविधान का विकास

संवैधानिक विकास

रेग्युलेटिंग एक्ट संवैधानिक विकास   रेग्युलेटिंग एक्ट :-                कव   1773 कोन :- british parliament तात्कालिक कारण :- ईस्ट इंडिया कम्पनीय ने british parliament से ऋण की माग की थी मूल कारण :- शिकंजा तो कसना ही था ऋण की माग न होती तो भी क्यों की british goverment …

Read moreसंवैधानिक विकास regulating act संविधान का विकास

भारतीय संविधान की विशेषता,भारतीय संविधान की रचना

भारतीय संविधान की विशेषता भारतीय संविधान की विशेषता:- british parliament  किसके लिए बनाया :- ईस्ट इंडिया कम्पनीय के लिए , आगे चलकर आप लोग इसी के अधीन रहोगे E.I.C. ने भारत जीता भारत का शासन कम्पनीय ही चलायगी सारे कानून बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर वनायेगे | british parliament ने एक्ट क्यों बनाए :- ∗कम्पनीय पर british …

Read moreभारतीय संविधान की विशेषता,भारतीय संविधान की रचना

लार्ड डलहौजी की विलय नीति की विशेषता ,lord dalhousie ki vilay niti ki visheshta ,व्यपगत का सिद्धान्त

डलहौजी की विलय की नीति डलहौजी की अधिग्रहण की नीति (1848-56) लॉर्ड डलहौज़ी 1848 से गवर्नर-जनरल बनकर भारत आया। वह शुरू ही इस बात पर आमादा था कि जितने बड़े इलाके पर संभव हो, प्रत्यक्ष ब्रिटिश शासन स्थापित किया जाए। उसने घोषणा की थी कि ‘भारत के सभी देशी राज्यों का खात्मा अब कुछ ही …

Read moreलार्ड डलहौजी की विलय नीति की विशेषता ,lord dalhousie ki vilay niti ki visheshta ,व्यपगत का सिद्धान्त

सहायक सन्धि क्या है sahayak sandhi

सहायक सन्धि सहायक सन्धि अंग्रेजो के दुआरा भारत को चरण बद्द तरीके से जीतना  मुग़ल के अधीन और अन्य राज्यों से बराबरी रिंग फेंस (घेरे की नीति ) – वारेन हेस्टिंग  सहायक सन्धि – लार्ड बेलेसकी  अधीनस्त प्रथक्करण की निति – लार्ड हेस्टिंग  विलय की नीति –  लार्ड डलहोजी  1 मुग़ल के अधीन और अन्य राज्यों से बराबरी :-  …

Read moreसहायक सन्धि क्या है sahayak sandhi

बंगाल में द्वैध शासन की स्थापना

बंगाल के प्रशासन की दोहरी व्यवस्था 1765 ई. से ईस्ट इंडिया कंपनी बंगाल की वास्तविक स्वामी अवश्य हो गई कंपनी की सेना का बंगाल पर एकछत्र नियंत्रण स्थापित हो गया और राजनीति की संपूर्ण शक्ति इसके हाथों में आ गई। अपनी आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के लिए नवाब कंपनी पर पूरी तरह आश्रित हो गया …

Read moreबंगाल में द्वैध शासन की स्थापना

बक्सर का युद्ध ,बक्सर का युद्ध क्या है | बक्सर का युद्ध कब लड़ा गया

बक्सर का युद्ध  प्लासी जीतने के बाद कम्पनीय ने बंगाल का नवाव मीरजाफर को सुनिश्चित कर दिया उसे कम्पनीय एक कटपुतली की तरह देखना चाहिती थी मीर जफ़र बंगाल का पूर्ण शासक बनना चाहिता था इसे लिए कम्पनीय ने मीर जफ़र को हटा दिया उसकी जगह मीर कासिम को नवाव बना दिया ये भी खुद …

Read moreबक्सर का युद्ध ,बक्सर का युद्ध क्या है | बक्सर का युद्ध कब लड़ा गया

बंगाल का इतिहास ,प्लासी का युद्ध

♥ बंगाल ♥ बंगाल के बारे में :- बंगाल पुरे भारत का सम्पन्न राज्य था ये पुरे भारत के  राजस्व का एक बड़ा केंद्र था बंगाल उधोग और व्यापार का एक बड़ा केंद्र था अंग्रेज 18 वी शताब्दी के दोरान बंगाल को ही अपना केंद्र बना लिए थे बंगाल से अकेले अंगेजो को पुरे एशियाई …

Read moreबंगाल का इतिहास ,प्लासी का युद्ध

आंग्ल मराठा युद्ध , आंग्ल मराठा प्रथम ,दुतीय ,तृतीय , आंग्ल मराठा युद्ध कब हुआ

आंग्ल मराठा युद्ध आंग्ल मराठा युद्ध के बारे में :-  तीन आंग्ल मराठा युद्ध हुए हे प्रथम आंग्ल मराठा युद्ध (1775-82) ये युद्ध आरम्भ सूरत की सन्धि से हुआ और समाप्त साल्बाई की सन्धि1782 से दुतीय आंग्ल मराठा युद्ध (1803-०६) ये युद्ध आरम्भ बेसीन की सन्धि से हुआ और सामाप्त राज घाट की सन्धि1805 से …

Read moreआंग्ल मराठा युद्ध , आंग्ल मराठा प्रथम ,दुतीय ,तृतीय , आंग्ल मराठा युद्ध कब हुआ

पानीपत का प्रथम ,दुतीय ,तृतीय युद्ध

♥पानीपत की लड़ाईयाँ ♥ इसमे पानीपत तीन लड़ाई हुई थी :- प्रथम पानीपत युद्ध (1526) :- ( इब्राहिम लोदी vs वावर)   दिल्ली सल्तनत का अंत और मुगलों की शुरुआत हुई |  इस युद्ध में बावर जीत गया था दूसरा पानीपत का युद्ध (1556):-   ( अकवर vs हेमचन्द्र ) हेमचन्द्र उस युग का पराक्रमी योद्धा और सेनानायक था …

Read moreपानीपत का प्रथम ,दुतीय ,तृतीय युद्ध